केंद्र सरकार तक पहुंचा चंडीगढ़ में ईवी पॉलिसी के तहत ईंधन वाहनों की रजिस्ट्रेशन बंद किए जाने का मामला

इलेक्ट्रिक के साथ पेट्रोल-डीजल वाहनों की रजिस्ट्रेशन भी रखी जाए जारीः कैलाश जैन

CHANDIGARH, 9 OCTOBER: उद्योग व्यापार मंडल (UVM) चंडीगढ़ ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी के तहत पेट्रोल व डीजल से चलने वाले वाहनों की रजिस्ट्रेशन की कैपिंग करके नई रजिस्ट्रेशन बंद किए जाने के चंडीगढ़ प्रशासन के आदेश पर पुनर्विचार के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपिंदर यादव को पत्र लिखकर चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ पेट्रोल व डीजल के वाहनों की रजिस्ट्रेशन भी जारी रखे जाने के आदेश देने का अनुरोध किया है।

UVM अध्यक्ष कैलाश चन्द जैन ने पत्र में कहा है कि ईंधन से चलने वाले दोपहिया वाहनों की रजिस्ट्रेशन चंडीगढ़ प्रशासन ने 6 अक्तूबर 2023 से बंद कर दी है तथा चार पहिया वाहनों का कोटा भी इस हफ्ते समाप्त हो रहा है, जिसके बाद उनकी रजिस्ट्रेशन भी बंद कर दी जाएगी। कैलाश जैन का कहना है कि चंडीगढ़ के व्यापारी शहर में पर्यावरण की रक्षा के लिए बेशक ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रमोशन के हक में हैं लेकिन किसी भी अव्यावहारिक फैसले के विरोध में भी हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा वाहनों की रजिस्ट्रेशन के लिए कैपिंग की जो पॉलिसी बनाई गई है, वह बिल्कुल भी व्यावहारिक अथवा फिजिबल नहीं है। पूरे देश में ऐसी कैपिंग वाली पॉलिसी कहीं भी नहीं है।

जैन ने कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन इतना नहीं है, जितनी वाहनों की मांग है। इलेक्ट्रिक वाहन ईंधन वाले वाहनों के मुकाबले काफी महंगे भी हैं। चंडीगढ़ में प्रशासन के ताजा आदेश से आम व्यक्ति की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके अलावा चंडीगढ़ में पर्याप्त इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध नहीं हैं, जिसकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए मुसीबत आने वाली है। कैलाश चंद जैन ने कहा कि इससे भी बड़ी बात यह है कि अभी त्योहारी सीजन है और त्योहारों में आम आदमी बाकी चीजों के अलावा वाहनों की भी खरीदारी करते हैं लेकिन जब ईंधन वाले वाहनों की रजिस्ट्रेशन ही नहीं होगी तो वह वाहन की खरीदारी कैसे करेगा। उसे मजबूरन गलत तरीके से दूसरे राज्यों से वाहन खरीदना पड़ेगा, जिससे ग्राहक को तो परेशानी होगी ही, साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन को भी सरकारी रेवेन्यू का घाटा सहन करना पड़ेगा।

कैलाश चंद जैन ने बताया कि चंडीगढ़ के ऑटो डीलरों के पास करोड़ों रुपए के वाहनों का स्टॉक पड़ा है। बैंकों से कर्जा लेकर यह स्टॉक जमा किया गया है। उनके पास हजारों की संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। ऐसी पॉलिसी से सभी डीलरों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा व कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। इसका अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ेगा।
कैलाश चंद जैन ने मांग की है कि जब पूरे देश में इस प्रकार की कैंपिंग किसी भी राज्य में नहीं की गई है तो केवल चंडीगढ़ में ही कैंपिंग क्यों ? जैन ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना चाहिए लेकिन इसके लिए ईंधन से चलने वाले पारंपरिक वाहन एकदम से बंद नहीं किए जाने चाहिए। इलेक्ट्रिक वाहन व पेट्रोल-डीजल से चलने वाले दोनों ही वाहनों की रजिस्ट्रेशन जारी रखी जानी चाहिए।

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