आज की कविताः मैं ही हूं, मैं ही तो हूं…

जब कभी आभास हुआ है,भीड़ में तन्हा होने का,बहलाया है कह के खुद को,मैं ही हूं, मैं ही तो हूं। जब कभी हताश हुआ मन,असफल प्रयास के होने पर,बहलाया है … Read More

किदारनाथ किदार की पहली पुण्यतिथि पर प्रार्थना सभा व सबरस कवि दरबार में जुटे ट्राइसिटी के वरिष्ठ साहित्यकार

PANCHKULA, 22 MAY: पंचकूला के वरिष्ठ साहित्यकार किदारनाथ किदार की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर सीनियर सिटीजन कौंसिल हॉल में एक प्रार्थना सभा व सबरस कवि दरबार का आयोजन किया … Read More

कनाडा से आईं कवियत्री उर्मिल शर्मा के काव्य संग्रह ‘चेतना’ का चंडीगढ़ में हुआ विमोचन

CHANDIGARH, 21 MARCH: कनाडा से आईं कवियत्री उर्मिल शर्मा के काव्य संग्रह ‘चेतना’ का विमोचन चंडीगढ़ में हुआ। यह काव्य संग्रह हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी तीनों भाषाओं में है। अंग्रेजी … Read More

आज की कविताः मैंने पूछा जिंदगी क्या है ?

मैंने पूछा जिंदगी क्या है ?उसने कहा,ज़िंदगी,मेरी हमदम की जुल्फों में छुपी,अब्र की बूंद है जो,झटकने पे मेरे मन को,भिगा जाती है।मेरी सोई हुई धड़कन को,जगा जाती है। मैंने पूछा … Read More

उमंग अभिव्यक्ति मंच की काव्य संध्या में रचनाकारों ने किया शिवाजी का गुणगान

समीक्षा के दौरान सराही गई कवियत्री नीलम त्रिखा की पुस्तक ‘आशाएं’ लघु कथाएं PANCHKULA: उमंग अभिव्यक्ति मंच पंचकूला ने मंगलम चैरिटेबल ट्रस्ट पंचकूला के सौजन्य से छत्रपति शिवाजी महाराज का … Read More

आज की कविताः अनेकता में एकता-हिन्द की विशेषता

एकता चिल्लाई इक दिनसुनो-सुनो मेरी बातनहीं रहोगे मिलजुल करतो शत्रु देंगे मात। मैं तो राष्ट्र हितैषी हूंसुनो सभी मेरी बातयदि करोगे भक्ति मेरीसदा मैं दूंगी साथ। राष्ट्र के हर मानव … Read More

आज की कविताः सुनो, कुछ यादें भेजी हैं…

सुनो,हवा के साथ कुछ दुआएं भेजी हैं,मर्तबान में रखना,और हर रोज थोड़ी चखना,कुछ नाश्ते में,खाने के साथ भी,मुरब्बे की तरहबहुत फायदा करेंगी। सुनो,बारिश में घोलकर कुछ यादें भेजी हैं,जब कभी … Read More

काव्य गोष्ठी में कविता और गीतों से याद किया गया केदारनाथ केदार को

CHANDIGARH: केदार अदबी ट्रस्ट पंचकूला की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन साहित्यकार गणेश दत्त के संयोजन में ऑनलाइन किया गया। इस गोष्ठी में संस्था के संस्थापक जाने-माने साहित्यकार केदारनाथ केदार को याद किया गया। उनकी सुपुत्री … Read More

राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच पंचकूला की ऑनलाइन गोष्ठी में जुटे कई साहित्यकार

PANCHKULA: राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच पंचकूला (हरियाणा) की ओर से ऑनलाइन मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच … Read More

बटालवी और डॉ. डीएस गुप्त की याद में Srijan ने ऑनलाइन सजाई ‘सुरमयी सांझ’

CHANDIGARH: शिव कुमार बटालवी और डॉ. धर्म स्वरूप गुप्त के जन्मोत्सव पर उनकी याद में Srijan-An institute of Creativity की तरफ से एक ऑनलाइन संगीतमय कार्यक्रम ‘सुरमयी सांझ’ का आयोजन किया … Read More

उमंग अभिव्यक्ति मंच की ऑनलाइन गोष्ठी में महिला रचनाकारों ने कविताओं से किया सावन का स्वागत

PANCHKULA: उमंग अभिव्यक्ति मंच पंचकूला ने सावन की रिमझिम फुहार पर एक ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें चंडीगढ़ ट्राइसिटी की अनेक कवियत्रियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंच की … Read More

महिला काव्य मंच की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में जुटीं चंडीगढ़ ट्राइसिटी की कवियत्रियां

CHANDIGARH: साहित्यकार नरेश नाज द्वारा स्थापित महिला काव्य मंच की चंडीगढ़ इकाई ने ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि महिला काव्य मंच की अध्यक्ष … Read More

Doctor’s day पर काव्य गोष्ठी: डॉक्टरों के लिए महिला रचनाकारों की ये पंक्तियां आपको भावविभोर कर देंगी

PANCHKULA: उमंग अभिव्यक्ति मंच पंचकूला ने Doctor’s day के उपलक्ष्य में वीरवार को ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें खास तौर से महिला रचनाकारों ने भाग लिया। मंच की … Read More

आज की कविता: मैं नहीं जानती…

मैं यह तो नहीं जानती,सच कहते किसे हैं ?जो मेरा सच है,वो तेरा झूठ बना है। मैं यह भी नहीं जानती,मासूमियत है क्या ?बस बेझिझक कह दूं,तो शातिर नहीं होती। … Read More

परशुराम जयंती व अक्षय तृतीया पर ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में जुटीं महिला रचनाकार, स्व. केदारनाथ केदार को भी किया याद

PANCHKULA: उमंग अभिव्यक्ति मंच पंचकूला ने परशुराम जयंती व अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में आज एक ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। मंच की फाउंडर श्रीमती नीलम त्रिखा व शिखा … Read More

उमंग अभिव्यक्ति मंच की काव्य गोष्ठी में ऑनलाइन जुटीं कई रचनाकार, मां की महिमा का किया गुणगान

PANCHKULA: उमंग अभिव्यक्ति मंच पंचकूला ने मातृ दिवस के उपलक्ष्य में ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया और पर्यावरण को बचाने के लिए खूबसूरत स्लोगन भी दिया। मंच की फाउंडर … Read More

आज की कविताः जीवन मूल्य

हर बात तुम्हारे साथ थी जो,हर बात हमारे साथ भी है,कुछ पल भर को ठहर गई ,कुछ बची खुची भी निकल गई। जिंदगी तुम नाजुक हो,पर मै भी पत्थरदिल तो … Read More

आज की कविताः मेरे दिल का ख्याल

कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है,कि- हम औरतों को भीये इज़ाज़त होती किघूम सकें टोली में,पी सकें चाय कुल्हड़ मेंकिसी सड़क के किनारेचाय की दुकान पर,खड़े होकर बतियाएं, मजे … Read More

आज की कविताः बा

बा तुम थींबापू की छायादेश व घर कोधुरी पे साधाबापू के, बापू बनने कीऐतिहासिक प्रक्रिया में साथईंट बनी वो नींव कीसदा रही वो साथ। चाहे नहीं था पढ़ना आयापर बापू … Read More

आज की कविताः तीखे शब्द

तीखे और कड़वे शब्दहैं कमजोर की निशानी,लेकिन समझ नहीं पाता हैकोई भी अभिमानी। पैर फिसल जाने पर इंसांबच सकता है लेकिन,जुबां फिसल जाए तोबचना होता है नामुमकिन। जब कमाकर खाय … Read More

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