चंडीगढ़ नगर निगम चुनावः वार्डों के नए रिजर्वेशन ने बबला समेत कई पार्षदों का चुनावी समीकरण बिगाड़ा, पहली बार पूरे मनीमाजरा क्षेत्र में होगा महिलाओं का कब्जा

CHANDIGARH: चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए आज वार्डों के रिजर्वेशन के बाद इतनी तो तस्वीर साफ हो गई कि कौन से वार्ड में अनुसूचित जाति (एससी) उम्मीदवार होगा और किस वार्ड में महिला चुनाव लड़ेंगी। इसमें सबसे दिलचस्प और खास बात यह है कि मनीमाजरा की पूरी बैल्ट इस बार महिला उम्मीदवारों के लिए रिजर्व हो गई है। महिलाओं के लिए रिजर्व किए गए वार्डों में शामिल 4, 5, 6, 9 नंबर वार्ड मनीमाजरा क्षेत्र में ही हैं। इस रिजर्वेशन से यहां नगर निगम चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे पुरुष दावेदारों को बड़ा झटका लगा है। मनीमाजरा क्षेत्र के इन चारों वार्डों को सामान्य वर्ग की महिला के लिए रिजर्व किया गया है। यानी दिसम्बर में होने वाले नगर निगम चुनाव में मनीमाजरा क्षेत्र का चुनाव परिणाम किसी भी पार्टी के पक्ष में जाए लेकिन मनीमाजरा बैल्ट पर कब्जा महिला पार्षदों का होगा।

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए कुल 35 वार्डों में से 16 वार्ड रिजर्व करने के लिए आज सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस के कांफ्रेंस हॉल में ड्रॉ निकाला गया। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में राज्य चुनाव आयोग द्वारा आयोजित किए गए इस ड्रॉ के दौरान सबसे अहम पहलू यह रहा कि मनीमाजरा की पूरी बैल्ट सामान्य वर्ग की महिला उम्मीदवारों के लिए रिजर्व हो गई। चडीगढ़ नगर निगम चुनाव के इतिहास में यह पहली बार है कि मनीमाजरा इलाके के चारों वार्डों में महिला पार्षद चुनी जाएंगी। सामान्य़ वर्ग की महिला उम्मीदवार के लिए रिजर्व हुए वार्ड-4, में मनीमाजरा, किशनगढ़, भगवानपुरा, इंदिरा कालोनी, आईटी पार्क व शास्त्री नगर आता है। वार्ड-5 में ओल्ड मनीमाजरा (एनएसी), ठाकुरद्वारा, सुभाष नगर, मोटर मार्केट आता है। वार्ड-6 में शिवालिक एनक्लेव, शांति नगर, राजीव विहार, गोविंदपुरा, मॉडर्न हाउसिंग काम्पलेक्स का इलाका आता है, जबकि वार्ड-9 में इंडस्ट्रियल एरिया-1, संजय कालोनी, कालोनी नंबर-4 व दड़वा आता है। हालांकि वार्ड-9 का इलाका मनीमाजरा से बाहर है लेकिन राजनीतिक दलों के अपने सांगठनिक परिसीमन में यह वार्ड भी मनीमाजरा क्षेत्र में गिना जाता है।

इसके अलावा जो अन्य वार्ड सामान्य वर्ग की महिला उम्मीदवार के लिए रिजर्व हुए हैं, उनमें वार्ड-1 में कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लहौरा आता है। वार्ड-22 में सेक्टर 31-33 हैं। वार्ड-10 में सेक्टर 27-29 हैं। वार्ड-23 में सेक्टर 34, 35 व 43 हैं। वार्ड-18 में सेक्टर 20 व 30 हैं। अनुसूचित जाति (एससी) के उम्मीदवार के लिए रिजर्व हुए वार्डों में शामिल वार्ड-16 (एससी महिला) में भास्कर कालोनी, सेक्टर-25 व सेक्टर-25 वेस्ट आता है। वार्ड-26 में डड्डूमाजरा कालोनी व शाहपुर गांव है। वार्ड-19 (एससी महिला) में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 व रामदरबार आता है। वार्ड-31 में कजहेड़ी कालोनी, सेक्टर-52 व 61, कालोनी, मजदूर कालोनी व कजहेड़ी का इलाका आता है। वार्ड-28 (एससी महिला) में मलोया, ग्वाला कालोनी व कुम्हार कालोनी आती है। वार्ड-7 में अंबेडकर कालोनी, चरण सिंह कालोनी, विकास नगर का इलाका आता है तथा वार्ड-24 में सेक्टर-36, 42, नेहरू कालोनी, फर्नीचर मार्केट, आदर्श कालोनी व अटावा का इलाका आता है।

अब बात करें सीटों के ताजा रिजर्वेशन से शहर के प्रमुख नेताओं पर पड़े असर की तो इस रिजर्वेशन ने कई नेताओं का चुनाव समीकरण गड़बड़ा दिया है। इनमें सबसे प्रमुख चेहरा हैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देविंदर सिंह बबला। बबला लगातार दो बार पार्षद चुने जा चुके हैं तथा नगर निगम में विपक्ष के नेता भी हैं। एक बार उनकी पत्नी हरप्रीत कौर बबला भी पार्षद का चुनाव जीत चुकी हैं। बबला सेक्टर-27, 28 व 30 के वार्ड से चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन इस बार नए परिसीमन में सेक्टर-30 को उनके वार्ड से काटकर वार्ड-18 में सेक्टर-20 के साथ जोड़ दिया गया है, जबकि सेक्टर-30 में उन्होंने अपने पार्षद कार्यकाल में विकास के बहुत काम कराए हैं। उनके वार्ड में सेक्टर-27, 28 के साथ 30 की जगह 29 को जोड़ दिया गया है। यह वार्ड नंबर 10 है लेकिन इस बार यह वार्ड सामान्य वर्ग की महिला के लिए रिजर्व हो गया है। उन्हें यह वार्ड रिजर्व होने का पहले से ही अंदेशा था। इसलिए वह अपने पुराने इलाके सेक्टर-30 के नए वार्ड नंबर-18, जिसमें सेक्टर-20 भी शामिल है, से चुनाव लड़ने के मूड में थे लेकिन वार्ड-18 भी अब सामान्य वर्ग की महिला के लिए रिजर्व हो गया है। लिहाजा, देविंदर सिंह बबला के लिए कोई मुफीद सीट नहीं बची है। ऐसे में क्या अब देविंदर सिंह बबला एक बार फिर अपनी पत्नी हरप्रीत कौर बबला को चुनाव लड़वाएंगे ? इस पर सबकी नजर लगी हुई है। सेक्टर-29 में विकास के ढेरों काम करवा चुके भाजपा के मौजूदा पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली भी वार्ड-10 रिजर्व हो जाने के बाद चुनाव लड़ने पर मंथन में जुटे हैं।

मनीमाजरा क्षेत्र की सभी सीटें सामान्य वर्ग की महिला उम्मीदवार के लिए रिजर्व हो जाने से सबसे बड़ा झटका भाजपा को लगा है। यहां भाजपा के दो सिटिंग कौंसल जगतार जग्गा तथा विनोद अग्रवाल हैं लेकिन अब यह दोनों ही मनीमाजरा क्षेत्र की सीटों पर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, जबकि जगतार जग्गा तथा विनोद अग्रवाल दोबारा चुनाव लड़ने के लिए जोरशोर से तैयारियां कर रहे थे। भाजपा के ही वरिष्ठ नेता एवं मौजूदा पार्षद अनिल दुबे का भी वार्ड महिला के लिए रिजर्व हो गया है। यही नहीं, भाजपा के पूर्व मेयर राजेश कालिया तथा लगातार तीन बार के भाजपा पार्षद राजेश गुप्ता बिट्टू के वार्ड भी महिला के लिए रिजर्व हो गए हैं, जबकि कांग्रेस पार्षद सतीश कुमार कैंथ भी नई सीट तलाशने के लिए मजबूर हो गए हैं। इसके अलावा भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के उन तमाम पुरुष नेताओं को भी नए रिजर्वेशन से झटका लगा है, जो रिजर्व हुए वार्डों से इस बार पार्षद का चुनाव लड़ना चाहते थे। माना जा रहा है कि चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए सीटों के ताजा रिजर्वेशन से ज्यादा मुश्किल भाजपा को हो सकती है। उसे अपने कई सिटिंग कौंसलरों के टिकट काटकर नए चेहरे चुनाव मैदान में उतारने पड़ेंगे, जबकि सबसे ज्यादा मनीमाजरा क्षेत्र में प्रत्याशी चयन को लेकर उलझी कांग्रेस के लिए ताजा रिजर्वेशन ने काम आसान कर दिया है।

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